इतिहास विभाग के 6 विद्यार्थियों ने यूजीसी–नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर बढ़ाया मान

जेएनसीयू में अंग्रेजी विभाग के एक छात्र ने दिसम्बर 2025 की यूजीसी– नेट परीक्षा की उत्तीर्ण 
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के छात्र मोहम्मद फैजान रज़ा ने प्रतिष्ठित यूजीसी–नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) दिसम्बर, 2025 उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय एवं विभाग का नाम गौरवान्वित किया है।  फैजान रज़ा की यह सफलता उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और अकादमिक समर्पण का प्रतिफल है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अजय कुमार चौबे सहित विभाग के प्राध्यापकों डॉ सरिता पांडेय, डॉ दिलीप मद्धेशिया और डॉ नीरज कुमार सिंह ने फैजान रज़ा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता विभाग के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। 
                               फैजान रज़ा 
फैजान रज़ा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुओं तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, आत्म विश्वास और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी सफलता की कुंजी रहा।

विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के विद्यार्थियों शाश्वत राय, आनन्द देव राणा, कृष्णा कुमार, सुम्बुल फैज़ानी और पर्वत पाण्डेय तथा प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की छात्रा ज्योति राय ने प्रतिष्ठित यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर विश्विद्यालय एवं विभाग का नाम गौरवान्वित किया है। छात्रों की उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष का वातावरण है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० संजीत कुमार गुप्ता ने विभाग के सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इनकी सफलता विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ० शैलेन्द्र कुमार सिंह और डॉ० विनीत कुमार सिंह को भी विद्यार्थियों के कुशल मार्गदर्शन हेतु बधाई दिया। निदेशक शैक्षणिक डॉ पुष्पा मिश्रा, चीफ प्राक्टर डॉ प्रियंका सिंह सहित अन्य प्राध्यापक गणो ने छात्रों को शुभकामना दिया।

शाश्वत राय : मेरी सफलता का श्रेय ईश्वर और परिवार का आर्शीवाद, विभाग के प्राध्यापक डॉ० शैलेन्द्र कुमार सिंह का मार्गदर्शन, मित्रों का सहयोग एवं निरंतर अध्ययन को जाता है।

आनन्द देव राणा: मेरी सफलता आराध्य, माता पिता के आर्शीवाद, डॉ० शैलेन्द्र सर का मार्गदर्शन, मित्रों का भरोसा और कठिन परिश्रम का परिणाम है।

कृष्णा कुमार : मेरी सफलता ईश्वर के आर्शीवाद, मां पिताजी परिवार सहित मित्रों का सहयोग, सर का स्नेहिल मार्गदर्शन और स्वयं पर विश्वास करते हुए कठिन परिश्रम का परिणाम है।

पर्वत पाण्डेय: मेरी सफलता ईश्वर का आशीष, परिवार और मित्रों के भरोसे, डॉ० शैलेन्द्र सर का मार्गदर्शन और लक्ष्य केन्द्रित अध्ययन का परिणाम है।

सुम्बुल फैज़ानी: मेरी सफलता का श्रेय मेरे अम्मी, अब्बू सहित परिवार की दुआ डॉ० शैलेन्द्र सर का मार्गदर्शन और चुनौतियों में भी स्वयं पर भरोसा रखकर कठोर परिश्रम को जाता है।

रिपोर्ट: विनय कुमार

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