Tuesday, January 13, 2026

खरवार जाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक हो जारी

बलिया सदर तहसीलदार से मिले खरवार समाज के लोग
बलिया। खरवार जनजाति संघर्ष मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश संरक्षक राघवेंद्र प्रताप खरवार के नेतृत्व में खरवार समाज के छात्र एवं नौजवानो ने बलिया सदर तहसीलदार से मिलकर खरवार जाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र सुगमतापूर्वक जारी करने की मांग की।

राघवेंद्र प्रताप खरवार ने कहा कि भारत सरकार राजपत्र 2002 और उत्तर प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश सरकार2003 मैं खरवार जाति को बलिया जनपद में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है और समय-समय पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र भी जारी होता रहा है। लेकिन विगत कुछ समय से बलिया सदर तहसील में खरवार जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है और आवेदन करने पर राजस्व लेखपालों द्वारा आख्या लगाने में हिल वाले किया जा रहा है और आवेदन को निरस्त कर दिया जा रहा है। जाति प्रमाण पत्र जारी न होने से खरवार समाज के बेरोजगार नौजवान छात्र सरकार द्वारा निकल गई भर्तियों पुलिस एवं लेखपाल तथा अन्य विभागों के भर्तियों में जाति प्रमाण पत्र के अभाव में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

सभी उपस्थित पदाधिकारी एवं नौजवान छात्र तहसीलदार सदर बलिया से खरवार अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र अभिलंब जारी करने की मांग की जिससे कि लेखपाल और पुलिस के आरक्षित पदों में अपना आवेदन कर सके। पत्रक देते समय कमलेश खरवार प्रदेश अध्यक्ष खरवार युवा सभा एवं कपिल देव खरवार, अंजनी खरवार, जय प्रकाश खरवार, बंटी खरवार, अभिषेक खरवार, रोहित खरवार, तारकेश्वर खरवार, नयन खरवार, राहुल खरवार, रजत खरवार, प्रेमनाथ खरवार आदि लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट: विक्की कुमार गुप्ता 

Monday, January 12, 2026

बहुभाषी नाट्य एवं लोकनृत्य प्रतियोगिता की दूसरी बार मेजबानी करेगा बलिया

लोककलाओं के संरक्षण मे बड़ी भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है बलिया
बलिया। रंग महोत्सव के माध्यम से देश की लोक-संस्कृति, लोककलाओं के संरक्षण मे बड़ी भूमिका निभाने की ओर बलिया बढ़ रहा है। जागरूक शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान के बैनर तले महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पं.बंगाल, झारखंड, असम, उड़ीसा, मणिपुर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित 10 राज्यों के रंगकर्मी अपने नाटक और लोकनृत्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन 16- 17 और 18 जनवरी को आदर्श वाटिका मे आयोजित बलिया रंग महोत्सव मे  प्रतिस्पर्धात्मक प्रस्तुति करेंगे। 

आयोजक जागरूक संस्थान के संरक्षक डाॅ.शिवकुमार सिंह कौशिकेय और सचिव अभय सिंह कुशवाहा ने बताया कि अध्यात्म, अवदान, बलिदान की धरती बलिया  और लोकनृत्य के कलाकारों की प्रतिभा निखारने के लिए  राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इसके साथ ही जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों की भी प्रतियोगिता होगी। जो बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करना चाहते हैं उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे भी शामिल किया जायेगा। अभी तक प्रतियोगिता मे देश की इन टीमों ने  पंजीयन कराए हैं।

अभिरंग फाउण्डेशन मुंबई, महाराष्ट्र। स्टेपको सोसाइटी नाहर सिरमौर, हिमाचल प्रदेश। बैली अंकुर नाट्य संस्थान हाबडा, पश्चिम बंगाल। नाट्य वास्तु सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था कानपुर, उत्तरप्रदेश। पथ, जमशेदपुर झारखंड। कर्मा थिएटर ग्रुप, दिल्ली। विंज इण्टरटेनमेंट फिल्मस् गिरिडीह झारखंड। विश्व रुपम् कला संगम वाराणसी। कलाकृति नाट्य मंच जमशेदपुर। अस्मिता नाट्य संस्थान, मुगलसराय। रंग थियेटर ग्रुप गिरिडीह। बिहू ( असमिया लोकनृत्य) स्मृति कश्यप एवं दल गुवाहाटी असम। फरुवाही लोकनृत्य, सुजीत यादव एवं दल महराजगंज। पायका लोकनृत्य, रविराज एवं दल गिरिडीह। ओडिसी ( उड़िया लोकनृत्य) ज्योतिदास एवं दल बरहमपुर उड़ीसा। पउसा (मणिपुरी लोकनृत्य) द पोल स्टार मणिपुर। छाऊ लोकनृत्य, नटराज ग्रुप साहबगंज झारखंड। कथक नृत्य, संदीप मौर्य एवं दल वाराणसी। 

धोबिया लोकनृत्य प्रियांशु सोनकर एवं दल आजमगढ। पखावज लोकनृत्य, शिवनाथ पासवान एवं दल बसंतपुर। कहरवां नृत्य, गोंड़ऊ नृत्य राम अवध गोंड़ एवं दल सग्गापाली गाजीपुर। इसके अतिरिक्त जिले की  लोककलाओं के कलाकार और विभिन्न विद्यालयों के नवांकुर कलाकारों की भी प्रस्तुतियाँ होंगी।

मां गंगा की अविरलता, निर्मलता एवं प्रदूषण मुक्त करने हेतु लिया गया संकल्प

धूमधाम से मनाई गई गंगा पुत्र भीष्म पितामह एवं स्वामी विवेकानन्द की जयंती
बलिया। भीष्म पितामह एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के शुभ अवसर पर सोमवार को श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया के मनोरंजन हाल में गंगा पुत्र भीष्म पितामह की जयंती एवं स्वामी विवेकानन्द की जयंती धूम - धाम से मनाई गयी। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो० गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, मुख्य वक्ता उत्तर - प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल एवं विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी राजीव उपाध्याय रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० अशोक कुमार पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद शुक्ल एवं धन्यवाद ज्ञापन करुणानिधि तिवारी ने किया।

 कार्यक्रम के दौरान गंगा समग्र गोरक्ष प्रान्त के शैक्षिक आयाम प्रमुख  डाॅ० गणेश कुमार पाठक ने मां गंगा की अविरलता, निर्मलता एवं प्रदूषण मुक्त करने हेतु गंगा पुत्र भीष्म पितामह को साक्षी मानकर  कार्यक्रम में सम्मिलित विद्वतजनों, बुद्धिजीवियों एवं अन्य भाई - बहनों को संकल्प दिलाया।

मां गंगा के प्रति स्वामी विवेकानंद एवं गंगा पुत्र भीष्म पितामह के विचार: डाॅ० गणेश पाठक

मां गंगा के प्रति स्वामी विवेकानंद जी के विचार
स्वामी विवेकानंद जी के लिए मां गंगा  मात्र एक नदी नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक आत्मा, संस्कृति एवं पवित्रता का प्रतीक है। स्वामी जी के विचार गंगा के प्रति गहरे सम्मान, अथाह प्रेम एवं आध्यात्मिक अंतर्संबंध को प्रकट करते हैं। स्वामी जी के अनुसार गंगा एक ऐसी पवित्र नदी है, जिसमें स्नान करने एवं तट पर रहने मात्र से ही आध्यात्मिक शुद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। 

उनका विचार था कि -' गंगा तव दर्शनात मुक्ति:'। अर्थात् गंगा के दर्शन मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। यही कारण है कि ध्यान हेतु स्वामी जी को गंगा तट का शांत वातावरण विशेष प्रिय था।

स्वामी जी के अनुसार गंगा सदियों से सनातन सभ्यता एवं संस्कृति की गवाह रही है। सभ्यता एवं संस्कृति का विकास गंगा के किनारे ही हुआ। भारत की धार्मिक - आध्यात्मिक एकता को कायम रखने में गंगा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गंगा पवित्रता की प्रतीक है।

  स्वामी जी को गंगा से व्यक्तिगत एवं भावनात्मक लगाव था। यही कारण है कि उनके प्रवचनों, व्याख्यानों एवं पत्रों में उनके द्वारा प्राय: प्रेरणादायक एवं शांतिपूर्ण दृश्यों का वर्णन किया गया है, जो उन्हें ईश्वर के निकट होने का बोध कराता है। गंगा के प्रति अपने आध्यात्मिक पक्ष को सुदृढ़ करते हुए एक जिम्मेदार एवं जागरूक आचरण की प्रेरणा देते हुए गंगा को स्वच्छ रखते हुए प्रदूषणमुक्त रखने का संदेश देते हैं। 

गंगा के प्रति भीष्म पितामह के विचार-
भीष्म पितामह मां गंगा को एक पवित्र देवी के रूप में मानते थे एवं तद्नुसार  पूजा - अर्चना थे।। वे अपनी जननी के रूप में मां गंगा से अगाध प्रेम करते थे।।एक दिव्य देवी के रूप में मां गंगा को पवित्र एवं पूज्य मानते हैं। भीष्म पितामह मां गंगा को एक पथ प्रदर्शक एवं शिक्षक के रूप में देखते एवं मानते थे। अपने समक्ष विकट परिस्थिति उत्पन्न होने पर उनके उपदेशों को याद किया करते थे तथा एक जननी के रूप में मां गंगा के निर्णय का उन्होंने सदैव सम्मान किया। 

इस तरह भीष्म पितामह के लिए मां गंगा एक दैवीय शक्ति, मां का प्यार एवं एक आदर्श गुरु की संगम थी, जिनका भीष्म द्वारा सदैव आदर एवं सम्मान किया गया।

​​शहीद मंगल पांडे को 'क्रिमिनल' कहना देश का अपमान

पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह मांगें माफी: कृष्णकांत पाठक
​दुबहर (बलिया)। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक शहीद मंगल पांडे के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह द्वारा दी गई विवादित टिप्पणी पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 

सोमवार को मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक ने शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवां स्थित उनके स्मारक पर मीडिया से बातचीत करते हुए इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।

बलिदान का अपमान स्वीकार नहीं
मीडिया को संबोधित करते हुए कृष्णकांत पाठक ने कहा कि जिस समय देश अंग्रेजों के अत्याचार से कराह रहा था, उस परिस्थिति में हमारे सेनानियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना क्रांति का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, "मंगल पांडे जैसे वीरों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को शब्दों के संकुचित मापदंड पर तौलना न केवल गलत है, बल्कि यह उनका घोर अपमान है।"

बयान पर जताया कड़ा विरोध
भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह द्वारा मंगल पांडे को 'क्रिमिनल' (अपराधी) कहे जाने पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए पाठक ने कहा कि ऐसे बयान इतिहास और हमारे पूर्वजों के त्याग का अनादर करते हैं। हमें अपने सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करते हुए उन्हें सदैव गर्व के साथ स्मरण रखना चाहिए।

माफी की मांग
मंगल पांडेय विचार मंच ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि:
​पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को अपने इस अमर्यादित बयान के लिए पूरे देश से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। ​यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो बलिदानियों का सम्मान करने वाला यह देश और समाज उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
रिपोर्ट: रणजीत सिंह


कुलपति ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाक़ात कर की विवि के विकास पर चर्चा

विश्वविद्यालय के समक्ष मौजूद कठिनाइयों से भी मुख्यमंत्री जी को कराया अवगत
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज से रविवार को शिष्टाचार भेंट की। कुलपति जी ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रगति के निमित्त मुख्यमंत्री जी से चर्चा की। 

विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति, वित्तीय सहायता, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि विषयों पर कुलपति ने माननीय मुख्यमंत्री से सार्थक चर्चा की। कुलपति जी ने विश्वविद्यालय के समक्ष मौजूद कठिनाइयों से भी मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। विश्वविद्यालय के भवनों के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुलपति जी ने माननीय मुख्यमंत्री से इन भवनों के लोकार्पण हेतु समय देने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री जी ने इसके लिए सहर्ष सहमति भी प्रदान की। माननीय मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए शासन स्तर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि बलिया जनपद उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमान्त पर स्थित है, जिसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। 

बलिया जनपद के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर शासन द्वारा निरंतर देख-रेख की जा रही है। विश्वविद्यालय का भी विकास बलिया जनपद के विकास से जुड़ा है। सरकार निश्चित रूप से इसके विकास में हर संभव योगदान देने को तत्पर है। माननीय मुख्यमंत्री जी के इस आश्वासन के लिए कुलपति जी ने उनका विशेष आभार दिया है और विश्वविद्यालय परिवार और जनपदवासियों की ओर से मुख्यमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया है।
रिपोर्ट: विनय कुमार

चोरी के विरोध में बंद रहा सुखपुरा बाजार

जल्द ही चोरी का पर्दाफाश नहीं होने पर होगी पूर्ण बंदी और अनिश्चितकालीन बंदी
सुखपुरा (बलिया)। सुखपुरा बाजार में लगातार चोरी होने और उसका पर्दाफाश न होने के कारण अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल सुखपुरा बलिया के आह्वान पर सोमवार को पूरा बाजार पूर्ण रुप से बंद रहा। बंदी के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन बाजार में चक्रमण करते रहें। साथ-साथ व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी बाजार में चक्रमण करते रहें। 

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अरविंद गांधी को सारे मामले की जानकारी नगर अध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह देते रहे। इस दौरान सुखपुरा बाजार के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह उर्फ अप्पू जी, अख्तर अली लल्लू, गणेश प्रसाद गुप्ता, राजू वारसी, संतोष रौनियार, प्रदीप गुप्ता, राम नारायण सिंह , राजकुमार स्वर्णकार, बसंत कुमार सैनी, जितेंद्र गुप्ता, सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू, अनिल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, राजू गुप्ता, राहुल सिंह, टिंकू, अरविंद कुमार मंटू, राजेश कुमार वर्मा, राजकुमार स्वर्णकार, राजू गुप्ता, अनिल गुप्ता उपस्थित होकर व्यापारियों को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। 
  

   यह निर्णय लिया गया किया यह आंशिक बंदी थी अगर चोरी  का जल्द से जल्द पर्दाफाश नहीं होगा तो पूर्ण बंदी और अनिश्चितकालीन बंदी भी होगी जिसके लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा। सारा निर्णय व्यापारियों के बैठक के बाद लिया जाएगा।

युवाओं की भूमिका, सामाजिक परिवर्तन तथा राष्ट्र विकास में उनके योगदान पर हुई चर्चा

जेएनसीयू में राष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण मे  राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को जय प्रकाश नारायण सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को युवाओं तक पहुँचाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना था। 

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय नेपाली कार्य संयोजक प्रियांशु त्रिपाठी ने युवाओं की भूमिका, सामाजिक परिवर्तन तथा राष्ट्र विकास में उनके योगदान पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किया। विशेष प्रवर्तन डॉ. गुंजन कुमार, सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग ने युवा समस्याओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता  डॉ. शैलेन्द्र सिंह, सहायक आचार्य, इतिहास विभाग ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर विचार रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी तथा एड्स रोग की रोकथाम विषय पर आकर्षक पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बलिया द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समापन युवाओं को प्रेरित करने वाले संदेश के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन योगिता पाण्डेय ने किया।
रिपोर्ट: विनय कुमार

खरवार जाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक हो जारी

बलिया सदर तहसीलदार से मिले खरवार समाज के लोग बलिया। खरवार जनजाति संघर्ष मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश संरक्षक राघवेंद्र प्रताप ख...