Saturday, January 10, 2026

हिन्दी को चिकित्सा विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी की भाषा बनने की जरूरत: डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय

विश्व हिन्दी दिवस पर जेएनसीयू मे एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण  में विश्व हिन्दी दिवस पर राष्ट्रीय अस्मिता और हिंदी विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 

मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग ने कहा कि हिन्दी राष्ट्रीय अस्मिता की भाषा है। आज हिन्दी का फलक विश्व व्यापक हो गया।दुनिया के बहुत से देशों में हिंदी का अध्यापन और अध्ययन हो रहा है।आज हिन्दी को चिकित्सा विज्ञान और टेक्नोलॉजी की भाषा बनने की जरूरत है। भाषा व्यक्ति की अस्मिता की पहचान कराती है। व्यक्ति के विवेक निर्माण में उसकी निज भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन में हिंदी का विशेष योगदान है।आजादी के आंदोलन में हिंदी ने राष्ट्रीयता की अलख जगायी है। अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. पुष्पा मिश्रा, शैक्षणिक, निदेशक ने कहा कि हिन्दी जनचेतना की भाषा है। राष्ट्रीय गौरव की भाषा है। जनचेतना और राष्ट्रीयता के निर्माण में हिंदी भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक मिश्र ने दिया। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. अनुराधा राय, डॉ. रजनी तिवारी, डॉ. नीरज कुमार सिंह,डॉ रंजना मल्ल, डॉ सौम्या तिवारी, डॉ प्रेम भूषण, डॉ शैलेन्द्र सिंह, डॉ विनय कुमार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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