सबका जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग
बलिया। उ0प्र0 लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। वही पुलिस भर्ती में भी 647 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा बलिया जिले में गोंड, खरवार जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। गोंड, खरवार अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे हैं।
तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा है लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने पर लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है जबकि पूर्व में पिता व भाई का गोंड, खरवार अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र तहसील से जारी हुआ है। इस समय वर्तमान में गोंड, खरवार जाति प्रमाण पत्र जारी करने में लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान व उत्पीड़न किया जा रहा है। भारत के राजपत्र व शासनादेश की घोर अवमानना की जा रही है। 12 जनवरी 2026 को बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर गोंड, खरवार जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया तथा जिलाधिकारी को बारी- बारी से अपना अपना आवेदन पत्रक सौंपा गया। गोंड, खरवार समुदाय छात्र नौजवानों ने कहा कि लेखपाल व पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए भी सीटें आरक्षित है यदि हम लोगों का समय रहते जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हुआ तो हम लोग अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों पर आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे जबकि सदर बलिया तहसील से सैकड़ों गोंड लोगों का अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है उसी तरह सबका जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए।
इसे दौरान शुभम, अंजेश कुमार, बबलू गोंड, सुमन गोंड, अंकित कुमार, विशाल गोंड, अभिषेक कुमार, विशाल कुमार, गोविंदा खरवार, मौसम कुमार, अनामिका गोंड, रागनी गोंड, विशाल प्रसाद, दिसू कुमार, बिट्टू कुमार, सोनू कुमार, सूरज प्रसाद, कपिल कुमार, राकेश गोंड, सनोज कुमार, समर्थन में राघवेंद्र खरवार, गोपाल खरवार, पंकज खरवार, सुरेश शाह सहित कई लोग रहे।
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