संयुक्त किसान मोर्चा एवं मजदूर संगठनों का कलेक्ट्रेट परिसर मे प्रदर्शन व सभा
बलिया। कलेक्ट्रेट परिसर मे संयुक्त किसान मोर्चा के किसान संगठनों, खेत मजदूरों, सीटू वअन्य मजदूरों ने धरना स्थल पर सभा किया तथा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर नारे बाजी किया तथा राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक सात सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी बलिया को दिया।
जिसमे वी बी जी रामजी, को वापस कर मनरेगा को लागू करने, जिसमे 200 दिनों के काम, 600₹ दैनिक मजदूरी की गई। बीज विधेयक, फोर लेबर कोड की वापसी, 29 श्रम कानून को लागू करने तथा न्यूनतम मजदूरी देने की मांग की गई। साथ ही बिजली विधेयक 2025 को वापस करने तथा स्मार्ट मीटर को लगाने पर पाबंदी गरीब किसानों छोटे दुकानदारों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने तथा सभी कर्ज माफ करने की मांग भी की गई। साथ ही किसान आंदोलन के मुख्य मांग फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य के कानून बनाने की मांग की गई।
सीटू के जनरल सेक्रेटरी तथा माकपा के सचिव मंडल सदस्य कामरेड प्रेमनाथ राय ने कहा कि मोदी सरकार के काम केवल कागजों में हो रहे हैं। यथार्थ में पूंजीपतियों तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजीकरण और उदारीकरण की नीतियों से यह मालूम हो गया है कि उसे जनता की समस्या का समाधान नहीं हो सकता इसलिए किसान मजदूर गरीब जनता खेत मजदूर तथा उन सभी श्रमिक संगठनों की किसानों के साथ एक जुट होकर आंदोलन की जरूरत है।
महिला नेत्री अंजू ने कहा कि गरीबों के बुनियादी सवालों को क्रमिक रूप से यह सरकार दफनाने का काम कर रही है।कार्यक्रम को लक्ष्मण पांडे, कामरेड सत्यनारायण, हृदय शंकर यादव, बलवंत यादव, अनूप लालू तिवारी, मुन्ना शर्मा, तेज नारायण जमुना वर्मा, रामकृष्ण यादव, राम जी, अमन यादव, शिवनाथ जी आदि दर्जनों ने संबोधित किया। अध्यक्षता जनार्दन सिंह तथा संचालन कामरेड परमात्मा नंद राय ने किया।
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