जागरूक शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आदर्श वाटिका गार्डन में हुई आयोजित
बलिया। अखिल भारतीय नाट्य एवं लोकनृत्य प्रतियोगिता द्वितीय बलिया रंग महोत्सव का रंगारंग आगाज शुक्रवार की सायं हुआ। जागरूक शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आदर्श वाटिका गार्डन में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्त, विशिष्ट अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेन्द्र कुमार, संरक्षक डाॅ.शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने दीप प्रज्ज्वलित किए।
इस अवसर कुलपति प्रोफेसर गुप्त ने कहा कि देश की लोक-संस्कृति को संरक्षित संवर्धित करने मे अपने जिले के जागरूक संस्थान और संस्कृति प्रेमी की बड़ी भूमिका है, नागाजी स.वि.जीराबस्ती की हर्षिता सिंह ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर लोकनृत्य का शुभारंभ किया।
इसके बाद स्टेप आर्ट के द्वारा भरत नाट्यम, सनबीम अगरसंडा की बालिकाओं ने शास्त्रीय नृत्य एवं स्मृति कश्यप ने असमिया बिहू लोकनृत्य प्रस्तुत किया। पथ जमशेदपुर के नाटक 'दधिचि@.काम ' ने वर्तमान राजनीति मे युवाओं के अनुचित प्रयोग और गलत हथकण्डे पर कठोर प्रहार किया। नेताओं की चालबाजी देखकर दर्शक कभी हँसते कभी खीझते रहे। नाट्य वास्तु सांस्कृतिक संस्था कानपुर के नाटक ' जहर ' ने टूटते बिखरते परिवारों से उत्पन्न हुए पति- पत्नी सम्बंधों मे संकट मे आत्महंता प्रवृति पर कठोर प्रहार करते हुए।
संयुक्त परिवार की प्रथा लौटाने की वकालत कर गंभीर संदेश दिए। सुपर डी.थ्री गिरिडीह झारखंड की प्रस्तुति ' मुनिया एक बेटी ' नाटक ने बालिकाओं के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक यौन उत्पीड़न पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं जागरूक होकर प्रतिरोध करने के लिए प्रेरित किया।
अतिथियों का स्वागत संरक्षक डाॅ.कौशिकेय, संजय सिंह रेवती, सचिव अभय सिंह कुशवाहा ने किए। संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री स्व.अमीरचंद जी की स्मृति मे आयोजित महोत्सव मे जयश मिश्र, संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष डाॅ. राजकुमार मिश्र, महामंत्री राकेश गुप्ता मद्धेशिया, सुनील कुमार यादव, डाॅ. राजेन्द्र भारती, मोहन श्रीवास्तव, डाॅ. अरविन्द उपाध्याय, डाॅ. विजय प्रकाश पाण्डेय, आशुतोष सिंह आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
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