कृषि सूचना तंत्र के सुदृढीकरण एवं कृषक जागरूगता गोष्ठी संपन्न
बलिया। नेशनल मिशन आन एडिबिल आयल योजना, नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिग योजना तथा कृषि सूचना तंत्र के सुदृढीकरण एवं कृषक जागरूगता गोष्ठी योजनान्तर्गत शुक्रवार की दोपहर जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के सभागार में कुलपति संजीत कुमार गुप्ता जी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय गोष्ठी/सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्याम बिहारी गुप्ता अध्यक्ष गौ सेवा आयोग, उ0प्र0 के कर कमलों द्वारा फीता काटकर किया गया।
वार्ताकार हरिशंकर वर्मा द्वारा गौ-आधारित खेती के बारे में कृषकों को अवगत कराते हुए कहा कि कृषको को रासायनिक खेती को छोड़कर गौ-आधारित खेती करने हेतु प्रेरित किया गया तथा तिलहनी फसलों जैसे-सरसों, सुरजमुखी, मूॅगफली, तिल इत्यादि का अधिकाधिक उत्पादन करने के सम्बन्ध में कृषकों को जानकारी दी गयी। श्रीकृष्ण चैधरी, सदस्य कृषक समृद्धि आयोग संपर्क प्रमुख लोक भारती लखनऊ द्वारा अपने सम्बोधन में कृषको से कहा गया कि किसान के घर पर कम से कम एक देशी गाय अवश्य होनी चाहिए,जो अपने परिवार को जैविक खेती से उत्पन्न आनाज को खिलाकर परिवार का भरण पोषण कर सकें। परिवहन मंत्री के दयाशंकर सिंह के भाई धर्मेन्द्र सिंह द्वारा कृषकों को सहजन/ मोरिंगा का बीज उपलब्ध कराते हुए मोरिंगा के औषधीय गुणो पर प्रकाश डाला गया। डा0 सुशील कुमार मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बलिया द्वारा पशुपालन विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में कृषकों को विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की गयी।
डा0 संजीत कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र, सोहाॅव बलिया द्वारा भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती करने हेतु कृषकों को आवश्यक जानकारी प्रदान की गयी। कृषक आनन्द सिंह द्वारा गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को अपने प्राकृतिक खेती के तरीके को हाईटेक करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि किसान भाई जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत का उत्पादन बढ़ाने तथा अपने खेतों में छिड़काव करने की विधि पर चर्चा की गयी। कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथि श्याम बिहारी गुप्ता, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग उ0प्र0, द्वारा अपने सम्बोधन में जनपद के कृषको को गौ-आधारित खेती करने, गौ-पालन करने हेतु प्रेरित किया गया, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा श्लोगन देते हुए कहा कि गर्व से कहो हम किसान है, कृषक वैज्ञानिक, एक खुटा दो गाय, धरती को माॅ के रूप में सम्बोधन करते हुए मृदा स्वास्थ्य के शुद्धिकरण हेतु प्राकृतिक खेती करना अतिआवश्यक बताया। रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मृदा में होने वाली हानि के बारे में भी विस्तृत रूप से चर्चा की गयी।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह जिला कृषि अधिकारी एवं जनपद के अनेक कृषकगण उपस्थित रहे।अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित समस्त कृषकों के साथ-साथ अन्य गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गयी।
रिपोर्ट: रणजीत सिंह
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