13 सूत्रीय ज्ञापन प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को भी किया गया प्रेषित
बलिया। अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पूर्व संध्या पर आदिवासी जनजाति हितों को संरक्षित करने हेतु 13 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया जिसमें प्रमुख रूप से भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 के अनुपालन में बलिया जिले में निवास करने वाले गोंड, खरवार जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र सुगमतापूर्वक जारी करने की मांग की गई है।
वही भारत सरकार केन्द्र की भांति उत्तर प्रदेश में भी अलग स्वतंत्र रूप से राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन कर उसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्य के पद पर अनुसूचित जनजाति समुदाय के ही व्यक्ति को नियुक्त करने। बलिया जिले में आदिवासी जनजाति छात्रवास की स्थापना करने। प्राथमिक, मिडिल, हाईस्कूल, इण्टर, स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी बीएड, एमएड, विधि, आईटीआई, पाॅलीटेक्निक, इंजिनियरिंग, मेडिकल की कक्षाओं में अध्ययनरत, अनुसूचित जनजाति (गोंड, खरवार) छात्रों को छात्रवष्त्ति प्रदान करने। कक्षा-6, 9, 11 वीं कक्षाओं में अध्ययरत जनजाति गोंड, खरवार छात्राओं को साईकिलें वितरित करने। उत्तर प्रदेश में अनुसुचित जनाजाति वित्त एवं विकास निगम की स्थापना करने। सर्वेक्षण कराकर आवास विहीन जनजाति गोंड, खरवार समुदाय के लोगों को सरकारी आवास स्वीकृत करने। जो आदिवासी जनजाति गोंड, खरवार समुदाय के लोग वर्षों स या ूर्वजों के जमाने से जिस जमीन पर बसे हैं,ये उस भूमि पर उनका नाम दर्ज कर संक्रमणीय भूमिधर घोषित करने। भूमिहीन जनजाति गोंड, खरवार समुदाय के लोगों को बसने हेतु तीन-तीन डिसमिल भूमि का आवासीय पट्टा व कष्षि कार्य हेतु कृषि पट्टा देने। गोंड, खरवार समुदाय के उत्पीड़न पर रोक लगाकर व उत्पीड़नकारियों पर कठोर कार्यवाही करने। उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में अनसूचित जनजाति आरक्षित सीट पर हर हालउउत्तर में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को ही नियुक्त की जाय। किसी अन्य वर्ग के लोगों से अनुसूचितप्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री जनजाति आरक्षित सीट को न भरने। विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े समस्त अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों पर बैकलाग के माध्यम से भर्ती करने। आदिवासी जनजाति पारंपरिक सांस्कृतिक गोंड़ऊ नाच को सरकार द्वारा संरक्षित करने व गोंड़ऊ नाच के गोंड़ऊ बाजा हुरूका वादक को मासिक मानदेय देने की मांग प्रमुख रही।
ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नमांमि गंगे अपर जिलाधिकारी के हाथों में सौंपा गया। इस दौरान प्रमुख रूप से ऑल गोंडवाना स्टूडेट्स एसोसिएशन (आगसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज शाह, संरक्षक अरविन्द गोंडवाना, प्रदेश महासिचव सुरेश शाह, तहसील अध्यक्ष संजय गोंड, ग्राम प्रधान मुन्ना गोंड, शिवजी गोंड रहे।
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