Friday, August 8, 2025

115 वर्ष का हुआ महाबीरी झण्डा जुलुस

श्रावण पूर्णिमा को निकलेंगे बजरंगी
बलिया। जंगे आजादी की 115 वर्ष पुरातन परम्परा को निभाने श्रावण पूर्णिमा को निकलेंगे बजरंगी। स्वतंत्रता आन्दोलन की कोख से उपजे महाबीरी झण्डा जुलुस के ऐतिहासिक संदर्भ मे इतिहासकार डाॅ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में निकलने वाले महाबीरी झण्डा जुलुस की परम्पयेरा सन् 1910 ई0 में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के शासक  जार्ज पंचम की ताजपोशी के विरोध से प्रारंभ हुई थी। 

 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर जगन्नाथ सिंह जी के नेतृत्व में गवर्नमेंट स्कूल बलिया में बनें विद्यार्थी परिषद जिसमें पं. हृदय नारायण तिवारी, मुनीश्वर मिश्र, केदारनाथ उपाध्याय, शिवदत्त तिवारी, नंदकिशोर चौबे व पं0 परशुराम चतुर्वेदी सहित कुल 35 छात्र शामिल थे, यह परम्परा शुरु की गयी थी।

 डाॅ. कौशिकेय ने बताया कि पहला महाबीरी झण्डा जुलुस आदित्यराम मंदिर से निकाला गया था। एक लम्बे बाँस में लाल रंग का झण्डा जिस पर वंदेमातरम और तिलक महाराज की जय लिखा था, बकायदे हवन पूजन के उपरांत यह जुलुस वंदे मातरम, भारत माता की जय,  तिलकये महाराज की जै और जय महाबीर जी के नारे लगाते हुए, पूरे शहर का भ्रमण कर गवर्नमेंट स्कूल में जाकर समाप्त हुआ था।

        इतिहासकार  डाॅ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय

     डाॅ. कौशिकेय ने कहा कि महाबीरी झण्डे को पुनर्जीवित करने का काम 25 जून 1926 ईस्वी को बलिया शहर के चेयरमैन बनें, बाबू सीताराम अग्रवाल रईस चौक-स्टेशन रोड ने शुरु किया। जिससे नाराज होकर ब्रिटिश सरकार के कलक्टर ने दिसंबर 1926 में इनको बर्खास्तY कर दिया। 

चेयरमैन पद से बर्खास्तगी ने बाबू सीताराम रईस के जोश को दोगुना कर दिया। 1927 ईस्वी में इनके नेतृत्व में यह ऐतिहासिक झण्डा जुलुस गाजे-बाजे के साथ निकला। जिसके के लिये शहर के धनाढ़़य व्यवसायी गोपी बाबू ने चाँदी जड़ित महाबीरी झण्डा प्रदान किया। सन् 1930 ई0 में इस झण्डा जुलुस को रोकने का प्रयास किया था किन्तु असफल रहे। 1953 ईस्वी तक यह जुलुस  बलिया के प्रथम चेयरमैन बाबू सीताराम अग्रवाल के चौक-स्टेशन रोड स्थित मकान से निकलता रहा। जिसमें शहर के सारे संभ्रांत लोगों के साथ आस पास के गाँवों के लोग भाला लाठी आदि के साथ शामिल होते थे। 

वर्तमान में पहले महाबीरी झण्डा नगर कमेटी के साथ दूसरे नंबर पर महाबीरी झण्डा कमेटी विजयीपुर, तीसरे स्थान पर महाबीरी सेवा संघ टाऊन हॉल, चौथे पर महाबीरी झण्डा कमेटी लोहापट्टी, पाँचवे पर चमनसिंह बाग रोड, छठें पर बालेश्वरघाट, सातवें पर सिनेमा रोड और आठवें स्थान पर गुदरी बाजार दुर्गा मंदिर की मूर्ति झांकी और अखाड़े निकलते हैं। जिला प्रशासन द्वारा नगर कमेटी और मिड्ढी के जुलुस को पृथक कर आगे निकाल दिया जाता है।

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