आवेदन एकत्रित करने एवं कार्यालय में जमा कराने का डीएम ने दिया निर्देश
बलिया। उ0प्र0 लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। वही पुलिस भर्ती में भी 647 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा बलिया जिले में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा है लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है जबकि पूर्व में दादा, पिता व भाई का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र तहसील से जारी हुआ है।
19 जनवरी दिन सोमवार को बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर गोंड जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करने की मांग को लेकर गोंड छात्र नौजवानों द्वारा प्रदर्शन किया गया इसी दौरान जिलाधिकारी श्री मंगला प्रसाद सिंह प्रदर्शनकारी गोंड छात्र, छात्राओं के बीच पहुंच गए तब गोंड छात्र नौजवानों ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 647 सीटें और लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है यदि समय रहते हम लोगों का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ तो हम लोग आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे। इस पर आश्ववाशन देते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि जिनके परिवार में पूर्व में दादा, पिता, भाई, बहन का गोंड जाति प्रमाण पत्र बना है उसके आधार पर गोंड जनजाति प्रमाण पत्र जारी होगा तथा डीएम साहब ने गोंड जाति का दर्जनों आवेदन एकत्रित कराये और अपने कार्यालय में जमा कराए।
इस दौरान पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती अभ्यर्थी दिशु कुमार गोंड व निधि कुमारी ने कहा कि हमारे परिवार में पूर्व में भाई का अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जारी हुआ है। पूर्वजों के राजस्व अभिलेखों 1356, 1359 फसली में भी गोंड अंकित है इसके बावजूद भी हमलोगों का जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। आगे कहा कि अब तक बलिया सादर तहसील से सैकड़ों की संख्या में गोंड जनजाति प्रमाण पत्र जारी हुआ है। उसी तरह हम सब लोगों का भी जारी किया जाय यदि समय रहते हम लोगों का गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है तो बाध्य होकर धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन भूख हड़ताल करने के लिए भी बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला और तहसील प्रशासन की होगी।
इस मौके पर बिट्टू गोंड, सुमन गोंड, सतीश गोंड, सोनू कुमार, अंजेश गोंड, विशाल गोंड, गोलू गोंड, निलेश कुमार, मुकेश गोंड, राहुल गोंड आदि लोग उपस्थित रहे।
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