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Showing posts from February, 2025

जनजाति गोंड समुदाय का धरना 9वें दिन भी रहा जारी

शासनादेश का अनुपालन कराने की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना  बलिया। विशेष सचिव उ0प्र0 समाज कल्याण अनुभाग-3, शासनादेश 2 दिसम्बर 2024 द्वारा मा.प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुभाग-3, शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा दिये गये दिशा निर्देश का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है, का अनुपालन कराने की मांग को लेकर आल गोंडवाना स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (आगसा) के नेतृत्व में बलिया सदर माॅडल तहसील पर आदिवासी जनजाति गोंड समुदाय के छात्र नौजवानों का जाति प्रमाण-पत्र निर्गत होने तक अनिश्चितकालीन धरना 4 फरवरी दिन मंगलवार को 9वें दिन भी जारी रहा।  धरनारत लोगों ने कहा कि उ0प्र0 शासन द्वारा गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु बार-बार शासनादेश भेजा जाता है जो जिला व तहसील पर आते- आते शून्य हो जाता है। गोंड जाति प्रमाण पत्र के लिये ऑनलाईन आवेदन करने पर हर बार आवेदन अस्वीकृत कर दिया जा रहा है। लेखपाल व तहसीलदार भारत के राजपत्र संविधान शासनादेश का घोर अवमानना कर रहे हैं। अब ऐसी स्थिति में निर्णायक संघर्ष के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचता है। ऑल गोंडवाना स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (आगसा) ...

2 फरवरी, आर्द्र भूमि संरक्षण दिवस पर विशेष-

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बलिया के लिए वरदान हैं आर्द्र भूमियां जैव विविधता एवं भू-गर्भ जल के लिए किडनी की तरह काम करती हैं आर्द्र भूमि: डा० गणेश पाठक  आर्द्र भूमि किसी भी क्षेत्र की जैवविविधता, पारिस्थितिकी एवं भू-गर्भ जल को सुरक्षित एवं सम्वर्द्धित कर दीर्घ काल तक संचित बनाए रखते हुए न केवल मानव के लिए जल उपलब्ध करातीं हैं,  बल्कि आहार को भी उपलब्ध कराती हैं एवं अन्य जीव जंतुओं के लिए भी जीवन का आधार बनती हैं। आर्द्र भूमि वह भूमि होती है, जहां वर्ष में 8 माह जल भरा रहता है। इस तरह जल से संतृप्त भू-भाग को ही आर्द्र -भूमि कहा जाता है। इस प्रकार आर्द्र- भूमि वह भूमि होती है, जहां जल, पर्यावरण एवं इससे जुड़े पौधे तथा वन्य- जीव को नियंत्रित करने के प्राथमिक कारक होते हैं।  वर्तमान समय में आर्द्र- भूमियों को विशिष्ट पारिस्थितिकीय विशेषताओं, कार्यों एवं मूल्यों के साथ अलग पारिस्थितिकी प्रणालियां माना जाने लगा है। इस प्रकार आर्द्र- भूमियां प्राकृतिक एवं मानव निर्मित मीठे या खारा जल वाली अनेक पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करती हैं। पक्षियों का घनत्व विशेष रूप से किसी आर्द्र भूमि की पारिस्थितिकी ...

धरने के छठवें दिन सम्पूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम सदर को सौंपा गया पत्रक

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शासनादेश में दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग को लेकर चल रहा धरना बलिया। मा.विशेष सचिव उ.प्र. शासनादेश दिनांक 2 दिसंबर 2024 द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग को लेकर ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आगसा) के तत्वावधान में अनिश्चित कालीन धरने के छठवें दिन एक फरवरी दिन शनिवार को गोंड छात्र, नौजवानों ने शासनादेश में दिये गये दिशा निर्देश का कड़ाई से अनुपालन करो, नारे के साथ सम्पूर्ण समाधान दिवस सदर तहसील पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया तथा उपजिलाधिकारी मा.आत्रेय मिश्र के हाथो में पत्रक सौंपा।  इस दौरान ऑल गोंडवाना स्टूडेंट एसोसिएशन (आगसा) के अध्यक्ष मनोज शाह ने कहा कि पिछले छः दिनों से शासनादेश में दिए गए दिशा निर्देशों का अनुपालन कराने की मांग को लेकर लगातार धरना दिया जा रहा है। इसके बावजूद भी बलिया सदर तहसीलदार द्वारा शासनादेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा हैं बल्कि घोर आवमाना की जा रही है। ऐसी स्थिति में गोंड छात्र नौजवानों ने एक स्वर में कहा कि भारत के राजपत्र संविधान और शासनादेश का अनुपालन कराने की मांग को ले...

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी का त्यौहार

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सेवा सदन स्कूल कथरिया में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं झांकी की प्रस्तुति बलिया। सेवा सदन स्कूल कथरिया में शनिवार को बसंत पंचमी का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा करते हुए सभी बच्चों ने ज्ञान प्राप्त करने का आशीर्वाद लिया।  विद्यालय के प्रबंधक डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान बच्चों ने मां सरस्वती की आराधना करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकी प्रस्तुत किया। स्कूल की प्रिंसिपल सुमन सिंह  ने सभी बच्चों, शिक्षकों एवम अभिभावकों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की बधाई दी।  इस मौके पर अंजली पांडेय, दीप शिखा सिंह, अंशिका सिंह, किरन राज, संध्या गिरि, श्वेता, रिया गुप्ता, सोनम सहित सभी शिक्षक एवं बच्चें उपस्थित रहे।